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पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥â€à¤¨à¥‡à¤‚सी में बहà¥à¤¤ जरूरी है ये टेसà¥â€à¤Ÿ करवाना, इसकी मदद से समय पर बच सकती है बचà¥â€à¤šà¥‡ की जान.
फीटल हारà¥à¤Ÿ रेट मॉनिटरिंग से बेबी का हारà¥à¤Ÿ रेट और रिदम पता चलता है। इससे डॉकà¥â€à¤Ÿà¤° को यह पता चलता है कि बचà¥â€à¤šà¥‡ की सà¥â€à¤µà¤¾à¤¸à¥â€à¤¥à¥â€à¤¯ सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ कà¥â€à¤¯à¤¾ है। पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥â€à¤¨à¥‡à¤‚सी के आखिरी दिनों और लेबर के दौरान फीटल हारà¥à¤Ÿ रेट मॉनिटरिंग की जाती है। फीटल हारà¥à¤Ÿ रेट 110 से 160 बीट पà¥à¤°à¤¤à¤¿ मिनट होता है। यह पà¥à¤°à¤¤à¤¿ मिनट 5 से 25 बीट à¤à¥€ हो सकती है। गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ की सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° शिशॠकैसे रिसà¥â€à¤ªà¥‰à¤¨à¥â€à¤¸ करता है, इससे फीटल हारà¥à¤Ÿ रेट बदल सकता है। शिशॠकी दिल की धड़कन असामानà¥â€à¤¯ आने का मतलब यह हो सकता है कि बचà¥â€à¤šà¥‡ को परà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥â€à¤¤ ऑकà¥â€à¤¸à¥€à¤œà¤¨ नहीं मिल पा रहा है या उसे कोई अनà¥â€à¤¯ समसà¥â€à¤¯à¤¾ है।
फीटल हारà¥à¤Ÿ मॉनिटरिंग के दो तरीके हैं : à¤à¤• à¤à¤•à¥â€à¤¸à¤Ÿà¤°à¥à¤¨à¤² और दूसरा इंटरनल।
à¤à¤•à¥â€à¤¸à¤Ÿà¤°à¥à¤¨à¤² फीटल हारà¥à¤Ÿ मॉनिटरिंग
इस तरीके में बचà¥â€à¤šà¥‡ की दिल की धड़कन सà¥à¤¨à¤¨à¥‡ और रिकॉरà¥à¤¡ करने के लिठà¤à¤• डिवाइस को पेट के ऊपर लगाया जाता है। यह à¤à¤• पà¥à¤°à¤•ार का मॉनिटर होता है जिसे डॉपलर अलà¥â€à¤Ÿà¥à¤°à¤¾à¤¸à¤¾à¤‰à¤‚ड डिवाइस कहते हैं। जब पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंट महिला चेकअप के लिठजाती है, तो उस दौरान बेबी की दिल की धड़कन चेक करने के लिà¤, यह टेसà¥â€à¤Ÿ किया जाता है। लेबर के दौरान बचà¥â€à¤šà¥‡ के हारà¥à¤Ÿ रेट को चेक करने के लिठà¤à¥€ यह टेसà¥â€à¤Ÿ किया जाता है।
​इंटरनल फीटल हारà¥à¤Ÿ रेट मॉनिटरिंग
इसमें शिशॠके सिर के ऊपर à¤à¤• पतली-सी तार लगाई जाती है। ये तार गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ गà¥à¤°à¥€à¤µà¤¾ के जरिठशिशॠतक पहà¥à¤‚चती है और इसे मॉनिटर से कनेकà¥â€à¤Ÿ किया जाता है। इस तरीके से हारà¥à¤Ÿ रेट की बेहतर रीडिंग मिलती है। लेकिन यह तरीका तà¤à¥€ अपनाया जाता है, जब पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥â€à¤¨à¥‡à¤‚सी के दौरान शिशॠके आसपास की फà¥à¤²à¥‚इड से à¤à¤°à¥€ थैली फट जाती है और गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ गà¥à¤°à¥€à¤µà¤¾ का मà¥à¤‚ह खà¥à¤² जाता है।
​कà¥â€à¤¯à¥‹à¤‚ पड़ती है फीटल हारà¥à¤Ÿ मॉनिटरिंग की जरूरत
अगर आपकी हाई रिसà¥â€à¤• पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥â€à¤¨à¥‡à¤‚सी है, तो आपके लिठफीटल हारà¥à¤Ÿ रेट मॉनिटरिंग बहà¥à¤¤ जरूरी है। यदि आपको डायबिटीज है या हाई बीपी रहता है, तो आपकी हाई रिसà¥â€à¤• पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥â€à¤¨à¥‡à¤‚सी है। वहीं अगर बचà¥â€à¤šà¤¾ बढ़ नहीं रहा है या उसकी गà¥à¤°à¥‹à¤¥ ठीक से नहीं हो पा रही है, तो à¤à¥€ यह हाई रिसà¥â€à¤• पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥â€à¤¨à¥‡à¤‚सी है।
पà¥à¤°à¥€à¤Ÿà¤°à¥à¤® लेबर की दवाओं का शिशॠपर कà¥â€à¤¯à¤¾ असर पड़ रहा है, यह जानने के लिठà¤à¥€ फीटल हारà¥à¤Ÿ रेट मॉनिटरिंग की जा सकती है। लेबर पेन बहà¥à¤¤ जलà¥â€à¤¦à¥€ शà¥à¤°à¥‚ करने के लिठइन दवाओं की मदद ली जाती है।
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